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सर्च इंजन क्या हैं?


आज इंटरनेट इस्तेमाल करने में बहुत ही ज्यादा आसान है; लेकिन यह हमेशा से ही ऐसा नहीं था। 

इंटरनेट जब शुरू हुआ था तब हमें उस पर कोई जानकारी ढूंढने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों में जाकर उस जानकारी का पता लगाना होता था, जिसमें बहुत ही ज्यादा समय और मेहनत लगती थी। लेकिन आज ऐसा नहीं है!
in this article we have discussed about search engines, their types and how they do work in simple hindi language.
Photo- Pixabay

आज हम बहुत सारी वेबसाइटों में एक-एक करके जाए बिना ही उनमें से किसी चीज के बारे में जानकारी निकाल सकते हैं, जिससे हमारी मेहनत और कीमती समय दोनों ही चीजें बचती हैं। इस काम में हमारी मदद करते हैं- सर्च इंजन (Search Engines). तो क्या हैं ये खोज इंजन और कैसे ये काम करते हैं आइए जानते हैं इस आर्टिकल में-






1. सर्च इंजन क्या होते हैं? (What is Search Engine):

सीधी-सरल भाषा में कहा जाए तो,


सर्च इंजन इंटरनेट का एक ऐसा tool होता है जिसकी मदद से हम बहुत सारी अलग-अलग वेबसाइटों से अपने काम की जानकारी को बड़ी ही आसानी से निकाल सकते हैं या फिर कहें access कर सकते हैं। 



 चलिए इसे एक example की मदद से समझते हैं-


मान लीजिए कि हम इंटरनेट के उस जमाने में पहुँच गए हैं जबकि सर्च इंजन नहीं थे लेकिन इंटरनेट था! उस जमाने में अगर किसी व्यक्ति को किसी विषय (जैसे- What is India) से संबंधित जानकारी की जरूरत पड़ती थी तो उसे उस विषय से संबंधित वेबसाइटों  में जाकर उस जानकारी को manually ढूंढना पड़ता था। यह काम काफी ज्यादा थकाऊ और time wasting था। 


लेकिन अब ऐसा नहीं है!


आज अगर हमें किसी चीज से जुड़ी जानकारी ढूंढनी होती है तो हम अलग-अलग वेबसाइटों के अलग-अलग पेजों में जाकर उन्हें नहीं ढूंढते हैं बल्कि इसके बजाय हम गूगल और बिंग जैसे सर्च इंजनों का उपयोग करना ज्यादा पसंद करते हैं।


सर्च इंजन बहुत सारी वेबसाइटों के उन पेजों को हमें दिखाते हैं जो हमारे द्वारा पूछे गए सवालों से संबंधित होते हैं। इससे हम आसानी से उस जानकारी को access कर पाते हैं जिसकी हमें जरूरत होती है। इससे हमारा कीमती समय और मेहनत दोनों बचती हैं। 


आप सब गूगल तो use करते ही होंगे मगर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये काम कैसे करता है?









2. सर्च इंजन कैसे काम करते हैं? (How do Search Engines work):

सर्च इंजन बहुत ही ज्यादा complex software programs होते हैं और इनके काम करने का method भी काफी complex होता है। आधुनिक सर्च इंजन मुख्यत: 2 steps में काम करते हैं-


  1. Crawling- सबसे पहले तो सर्च इंजनों के करोड़ों bots/spiders या program इंटरनेट पर जाकर लाखों वेबसाइटों का data लाकर अपने database server में store कर देते हैं। इस प्रक्रिया को टेक्निकल भाषा में क्राउलिंग (crawling) कहा जाता है। 
  2. Indexing- जब भी कोई व्यक्ति किसी सर्च इंजन (मान लीजिए Google) में कुछ search करता है तो गूगल सैकड़ों वेबसाइटों को order में लगाकर उन्हें उस व्यक्ति को show कराता है। इस प्रक्रिया को इंडेक्सिंग (Indexing) कहते हैं। वेबसाइटों को अपने सर्च में index करने से पहले Google उन्हें करीब 200 फ़ैक्टरों की कसौटी पर परखता है और फिर उन्हें अपने सर्च में उनकी quality के हिसाब से ऊपर से नीचे जगह देता है।


सर्च इंजनों के काम करने की प्रक्रिया (working method) को आप इस विडिओ के माध्यम से अच्छी तरह समझ सकते हैं-




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3. सर्च इंजनों की जरूरत क्यों है? (Importance of search engines):

इंटरनेट को easily access करने के लिए सर्च इंजन बहुत ही जरूरी चीज है। बिना सर्च इंजनों का इस्तेमाल करे हमारे लिए इंटरनेट से अपने काम की जानकारी निकालना टेढ़ी खीर साबित होता है।


सर्च इंजनों से नई वेबसाइटें भी कम समय में लोकप्रिय हो जाती हैं। सर्च इंजन करोड़ों वेबसाइटों को traffic भेजते हैं जिससे वे पैसे कमा पाती हैं।










4. सर्च इंजनों के प्रकार (Types of search engines):

सर्च इंजनों को उनके काम करने के आधार पर 5 catagories में बांटा जा सकता है-


A. Crawler Based Search Engines- वे सर्च इंजन जो सिर्फ और सिर्फ computer programs (जिन्हें Spiders, crawlers या bots भी कहते हैं) की मदद से चलते हैं; उनमें किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं होती है। उन्हें क्रॉलर बेस्ड सर्च इंजन कहा जाता है। उदाहरण- ask.com


B. Directory Based Search Engines- वे सर्च इंजन जिनमें सिर्फ और सिर्फ लोगों की एक team के द्वारा select की गई वेबसाइटें दिखती हैं इनमें automatically कोई भी website शो नहीं होती है। उन्हें डायरेक्टरी बेस्ड सर्च इंजन कहा जाता है।    


C. Hybrid Search Engines- जो सर्च इंजन crawlers/bots के साथ ही साथ human selected चीजों का भी इस्तेमाल करते हैं उन्हें हाइब्रिड सर्च इंजन कहा जाता है। जैसे- Google, Yahoo


D. Meta Search Engines- वे सर्च इंजन जो लाखों वेबसाइटों को अपने database में नहीं रखते हैं। बल्कि जो चीज लोग उनमें सर्च करते हैं वे उन्हें गूगल और याहू जैसे बड़े सर्च इंजनों में सर्च करके लोगों को दिखाते हैं। उदाहरण- DuckDuckGo, DogPile


E. Specialty Search Engines- वो सर्च इंजन जो एक खास तरह की या फिर खास area की demand को cater करने के लिए बने होते हैं। जैसे- लोकल सर्च इंजन (JustDial), शॉपिंग सर्च इंजन (याहू शॉपिंग). 










5. सर्च इंजनों का इतिहास (History of search engines):

वर्ल्ड वाइड वेब (www) की स्थापना के एक साल बाद 1990 में इंटरनेट की दुनिया में पहले सर्च इंजन आर्की (Archie) का जन्म हुआ।


आर्की आज के सर्च इंजनों जैसे लोगों के सवालों का जवाब नहीं देता था बल्कि यह वेबसाइटों में से फ़ाइलों को download करने का काम करता था।


इसे McGill University Canada के तीन computer science students Alan Emtage, Bill Heelan and J. Peter Deutsch ने अपने college के दिनों में बनाया था। 


इसके बाद आर्की का नया रूप Gophers साल 1991 में आया।



आर्की दुनिया का पहला सर्च इंजन था जो वेबसाइटों से फ़ाइलों को डाउनलोड करने का काम करता था।


इसके बाद 1994 में webcrawler सर्च आया, जो कि 
आज भी काम करता है। इसके बाद 1995 में आया, इंटरनेट की दुनिया का पहला popular सर्च इंजन Yahoo! 


इसके बाद कुछ अन्य सर्च इंजन जैसे- MagellanExciteInfoseekInktomiNorthern Light, and AltaVista भी बाजार में आए मगर वे ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए। 









आखिर में साल 1997 में आया इंटरनेट की दुनिया का राजा Google जिसने इंटरनेट surf करने की परिभाषा ही बदल दी। 



6. अगर गूगल न होता तो क्या होता? (What if there was no Google):
अगर इंटरनेट पे गूगल न होता तो हमें information निकालने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों पर घूमना होता, जिसमे बहुत अधिक समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो जाती। 


गूगल के आने के बाद अब हम गूगल पर अपने सवाल को सर्च करते हैं और गूगल उस सवाल को करोड़ों अलग-अलग वेबसाइटों में अपने-आप खोजता है और हमें सेकंड से भी कम समय में उसका उत्तर दिखा देता है। 




7. सर्च इंजन (गूगल) और इंटरनेट में क्या अंतर है? (Search Engine vs Internet/Web):

हममें से ज्यादातर लोगों को लगता है कि गूगल और इंटरनेट एक ही चीज हैं मगर असल में ऐसा नहीं है। 


जहाँ एक ओर internet जानकारी का भंडार है वहीं दूसरी ओर सर्च इंजन उस भंडार में से अपने काम की जानकारियों को निकालने का साधन है। 


यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसे आटे को छानना। यहाँ पर हम आटे की थाली को Internet मान सकते हैं और छननी को हम Search Engines (गूगल) मान सकते हैं। छने हुए आते को हम अपने सवाल का जवाब मान सकते हैं।







8. कुछ लोकप्रिय वैश्विक सर्च इंजन (Some Popular Global Search Engines Name List):

कुछ दुनियाभर में लोकप्रिय सर्च इंजन हैं-


1. गूगल (Google)

2. याहू (Yahoo!)

3. बिंग (Bing)


5. बाईडु (Baidu)- चीनी सर्च इंजन 

6. यानडेक्स (Yandex)- रूसी सर्च इंजन


8. अबाउट (About.com)


10. स्पाइडरवेब (SpiderWeb)



9. भारतीय सर्च इंजन नाम (Indian Search Engines Name List):

भारत में भी कुछ सर्च इंजन बने हैं हालांकि वे बहुत अधिक दिनों तक चल नहीं पाए-


1. गुरूजी (guruji.com)-


















ℹ️  AUTHORS' ANGLE: 

सर्च इंजन इंटरनेट का lens हैं। सर्च इंजनों के बिना इंटरनेट ऐसा ही है जैसा बिना आँखों के मनुष्य। लेकिन हमें यह हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि सर्च इंजन इंटरनेट नहीं हैं। जब सर्च इंजन नहीं थे तब भी इंटरनेट था। सर्च इंजनों ने बस उसे आम लोगों के लिए आसान बना दिया है।


तो दोस्तों यही था "सर्च इंजन क्या है/Search Engine in Hindi" पर हमारी आज की पोस्ट। यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें comment के माध्यम से जरूर बताएं और आपका कोई सवाल हो तो उसे भी जरूर पूछें। हमसे facebook पर जुड़ें ताकि आपको नई post की update मिलती रहे। 






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