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Domain Authority क्या होती है? | DA in Hindi

अगर आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट का SEO Score और रैंक rugularly check करते रहते हैं तो इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि आपने वेबसाइट की Domain Authority (DA) Metric के बारे में जरूर सुना होगा। 




In case, कि अगर आपका आज से पहले कभी-भी DA नामक शब्द से पाला नहीं पड़ा है तो आपको बता दें कि ये एक तरह का website score या कहें site  ranking होती है जो बताती है कि किसी वेबसाइट की Google, Bing और Yahoo! जैसे सर्च इंजनों में अच्छे स्थान पर rank करने की कितनी संभावना है। 



किसी वेबसाइट या ब्लॉग का डी.ए यानि डोमेन अथॉरिटी क्या होती है और इसके घटने-बढ़ने का हमारी वेबसाईट पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस article में हम आसान शब्दों में इसके बारे में ही बात करने वाले हैं- 





1. डोमेन अथॉरिटी क्या है? (What is DA of a website):

अगर हम किसी शब्द का मतलब समझ लेते हैं तो उस शब्द को define करना काफी आसान हो जाता है। ऐसा ही हम Domain Authority के case में भी कर सकते हैं। 




डोमेन अथॉरिटी जो शब्द है वो दो शब्दों से मिलकर बना है- पहला Domain और दूसरा Authority. यहाँ पर Domain का मतलब है आपकी website का नाम (जैसे-मेरी वेबसाइट का नाम sochokuchnaya.com है) और Authority का मतलब होता है- रुतबा या इज्जत (Domination/Reputation). यानि हम कह सकते हैं कि,


Domain Authority एक ऐसा SEO Score है जो बताता है कि किसी website की सर्च इंजनों की नजरों में कितनी reputation है। 



डोमेन अथॉरिटी (DA) को दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी Search Engine Optimization (SEO) कंपनी MOZ ने बनाया है। यह किसी website के (गूगल में) रुतबे को 1 से 100 के बीच के scale पर मापता है, जिसके आधार पर हम पता लगा सकते हैं कि किसी website के गूगल में rank करने की संभावना कितनी ज्यादा है। 



आपकी वेबसाइट की domain authority जितनी ज्यादा होती है, उतनी ही ज्यादा संभावना उसके Google में अच्छे स्थान पर रैंक करने की होती है 




यह बात भी mentionable है कि domain authority का मापदंड(scale) जो होता है वह logarithmic प्रवृत्ति का होता है यानि अपनी वेबसाइट का DA 1 से 10 तक बढ़ाना उतना कठिन नहीं होता है जितना कि उसे 11 से 20 तक ले जाना; इसी तरह 11 से 20 तक अपना डी.ए ले जाना उतना hard नहीं होता है जितना कि उसे 21 से 30 तक ले जाना होता है!






HistoryDA को मोज़ कंपनी द्वारा करीब एक दशक पहले launch किया गया। इसके बाद Moz ने पिछले साल ही मार्च 2019 में इसका पहला update निकाला था जिसका नाम उन्होंने Domain Authority 2.0 रखा है।




DA के अलावा भी SEO में कई सारी अन्य Metrics हैं जैसे- Semrush कंपनी का Authority Score (AS), Ahrefs (एचरेफ्स) की Domain Rating (DR) और Ubersuggest का Domain Score (DS) कुछ इसी तरह की SEO metrics हैं। लेकिन इन सबमें से Moz की Domain Authority को सबसे ज्यादा सटीक और विश्वसनीय माना जाता है। इसलिए ज्यादातर इसे ही अधिकांश लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। 




2. डोमेन अथॉरिटी किन चीजों पर निर्भर करती है (DA Affecting Factors):

किसी साइट का DA कई सारे कारकों पर निर्भर करता है जिनमें से कुछ प्रमुख कारक हैं-


  1. Backlinks- अगर आपकी साइट के पास अच्छे यानि quality backlinks हैं तो इस बात के अच्छे chances हैं कि आपकी साइट का da काफी अच्छा होगा क्योंकि आपकी domain authority पर 30% प्रभाव आपकी साइट के बैकलिंकों का पड़ता है। 





  1. Content- बैकलिंकों के बाद दूसरी सबसे बड़ी चीज को किसी साइट के डी.ए को प्रभावित करती है वह है- आपकी साइट का कंटेन्ट। अपनी साइट के DA में सुधार करने के लिए यह जरूरी है कि आप अपने कंटेन्ट में भी सुधार करें। 




  1. Internal Linking- अगर आप अपने ही blog की अलग-अलग पोस्टों को एक दूसरे से link करते हैं तो इस काम को Internal Linking कहा जाता है। अपनी साइट की proper आंतरिक लिंकिंग करने से भी उसके DA पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

  1. Author- इस बात पर यकीन करना हालांकि थोड़ा मुश्किल है कि गूगल कोई post किस लेखक ने लिखी है, इसके आधार पर भी websites को अपने search में रैंक करता है। अगर कोई जाना-माना लेखक कोई पोस्ट लिखता है तो निश्चित तौर पर गूगल उसके लिखे लेख को अपने सर्च में वरीयता देता है। 






3. गूगल में अच्छे स्थान पर रैंक करने के लिए किसी साइट की Domain Authority कितनी होनी चाहिए (Ideal DA for ranking ):


आपकी साइट को गूगल में रैंक करने के लिए कितना DA सही रहेगा यह आपकी साइट किस विषय पर लिखती है इस पर निर्भर करता है।



अगर आपकी साइट किसी ऐसे topic पर बनी है जिसमें कि बहुत ज्यादा competition है यानि कि already बहुत सारे लोग उस विषय पर लिख रहे हैं तो इस situation में आपको गूगल में अपनी साइट को रैंक करवाने के लिए बहुत अच्छी domain authority earn करनी पड़ेगी। वहीं दूसरी तरफ अगर आप किसी ऐसे topic पर लिख रहे हैं जिसपे कि बहुत ही कम competition है तो इस situation में अगर आपकी website का DA थोड़ा कम भी है तो भी आसानी से गूगल में अच्छी position पे रैंक कर सकते हैं। 







वैसे हिन्दी भाषा में लिखने वाली ज्यादातर वेबसाइटों का DA औसतन 6 से 40 के बीच होता है। कहने का मतलब यह है कि अगर आप हिन्दी में ब्लॉगिंग करते हैं और आपकी साइट का DA 6 से ऊपर है तो आप आसानी से गूगल में अच्छी position पर रैंक कर सकते हैं। वहीं English भाषा में कम competition वाले keywords में भी रैंक करने के लिए आमतौर पर आपका DA 40 से ऊपर होना चाहिए। High Competition Keywords के लिए तो यह आंकड़ा 70 के पार भी पहुँच जाता है। 



अच्छा DA गूगल और अन्य सर्च इंजन में रैंकिंग करने के लिए जरूरी है, हालांकि आप मात्र डी .ए के दम पर ही अपनी साइट को rank नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा भी कई सारी चीजें हैं जो matter करती हैं। इसके अलावा अगर आपकी साइट का DA बहुत अधिक अच्छा नहीं है तो निराश होने की कोई बात नहीं है क्योंकि मेरी खुद की साइट का DA भी 6 है 😁. जब आप लगातार अपनी साइट को updated रखते हैं तो आपका DA भी धीरे-धीरे अपने आप ही बढ़ता रहता है। इसलिए अपने content पर ज्यादा ध्यान दीजिए बजाय DA के! 









4. अपने ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी कैसे जानें (Check Site DA):

जैसा कि हम जान चुके हैं कि Domain Authority को Moz corporation manage करती है। इसलिए आप Domain Authority check करने के लिए Moz के ही बनाये हुए Domain Authority Checker टूल का उपयोग कर सकते हैं। 



इसके लिए आपको बस मोज़ के Link Explorer टूल में चले जाना है। वहाँ पर पहुँच जाने के बाद आपको दिए हुए bar में अपनी साइट का URL टाइप कर देना है। इसके बाद आपको analyze के बटन पर click कर देना है। इसके बाद आपके सामने moz पर account बनाने का option मिल जाता है जिसे पूरा करने के बाद आप किसी साइट की डोमेन अथॉरिटी जांच सकते हैं। 



इस तरह आपके सामने आपके domain (website) की Domain Authority और Page Authority के साथ ही साथ कई सारी अन्य जानकारियों (i.e. backlinks, keywords, etc) की पूरी list खुल जाती है। अब आप आसानी से अपनी वेबसाइट की growth का पता लगा सकते हैं।



इसके अलावा आप गूगल में जाकर "Website DA Checker" सर्च करके आने वाली वेबसाइटों में जाकर भी किसी साइट की domain authority आसानी से चेक कर सकते हैं। 








  5. साइट की डोमेन अथॉरिटी कैसे बढ़ाएँ (Improve Website DA):

कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपनी साइट/ब्लॉग के DA में सुधार कर सकते हैं- 

  • अपनी site के गुणवत्तापूर्ण बैकलिंकों की संख्या में बढ़ोतरी करें। 

  • कोई spam ना करें। 



  • अपनी site की loading speed बढ़ाएँ 

  • साइट का bounce rate कम करने का प्रयास करें। 

  • अपने content को इतना ज्यादा informative और interesting बनाएँ कि लोग आपकी site पर काफी देर तक रुके जिससे आपका Average Time On Site बढ़ सके। 

  • ब्लॉग को regular basis पर update करते रहें यानि नई पोस्ट लिखते रहें। 

  • अपनी साइट के bad/toxic backlinks को remove करने की कोशिश करें। 

  • अपनी पोस्ट को social media पर शेयर करें और साथ ही साथ अपने content को इतना अच्छा बनाएँ कि लोग भी आपकी पोस्टों को share करें। 

  • अगर बहुत सारे लोग सीधे आपकी साइट को browser में टाइप करके उसपे आते हैं तो गूगल इसे आपकी साइट की popularity और reliability का एक बड़ा factor मानता है। इससे आपकी गूगल में rankings बढ़ती है और साथ ही साथ आपकी Domain Authority में भी सुधार आता है। और,

  • सबसे आखिरी और सबसे जरूरी चीज जो आप कर सकते हैं, वो है- धीरज रखना (Keep Patience). गूगल या कोई भी अन्य सर्च इंजन नई साइटों पर एकदम से भरोसा नहीं करता है। वह कई महीनों तक उनकी activities पे नजर रखता है और फिर उनके base पे यह decide करता है कि किसी साइट को सर्च में कितनी वरीयता देनी चाहिए। समय के साथ अगर आप लगातार अच्छा काम करते रहते हैं तो आपका DA, PA, Page Rank, Moz Rank, Alexa Rank और बाकी जो भी rank होती हैं वो अपने आप ही improve होने लगती हैं और आपको manually उन्हें manupulate करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। इसलिए अच्छा content लिखें, DA वक्त के साथ अपने आप ही बढ़ जाता है!







6. गूगल में रैंक करने के लिए 'डी.ए' क्यों जरूरी है? (Importance of DA):

DA एक ऐसा मापदंड है जो बताता है कि आपकी साइट गूगल या किसी भी अन्य सर्च इंजन में अच्छे स्थान पर रैंक करने की कितनी ताकत रखती है।


गौरतलब है कि गूगल कभी-भी DA को ध्यान में रखकर अपने सर्च में साइटों को rank नहीं करता है। बल्कि DA तो Moz (जो कि एक इंटरनेट कम्पनी है) के द्वारा बनाया गया एक स्कोर है जो मात्र करीब -करीब अनुमान लगाता है कि आपकी साइट में गूगल में rank करने की कितनी क्षमता है। गूगल कभी भी किसी साइट के DA, PA या Moz Rank को check करके उसे रैंक नहीं करता है। DA तो एक तरह से केवल आपके domain की ranking strength की भविष्यवाणी मात्र है। 










7. पेज अथॉरिटी क्या है (What is Page Authority):

जिस तरह Domain Authority (DA) किसी साइट के गूगल में रैंक होने की prediction करती है ठीक उसी तरह PA यानि Page Authority साइट के किसी एक पेज या कहें पोस्ट के rank होने की क्षमता के बारे में बताता है। 


8. नई डोमेन अथॉरिटी 2.0 क्या है? (What is Domain Auth 2.0):



इस नए डी.ए के तहत Moz ने अपने algorithm (यानि DA determine करने वाले नियमों) में कई बड़े बदलाव किये, ताकि DA गूगल के नियमित रूप से आने नए अपडेटों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। मोज़ के इस अपडेट के कारण कई सारी साइटों के DA में गिरावट दर्ज की गई वहीं कई सारी साइटों को इससे काफी फायदा हुआ है। 








ℹ️  AUTHORS' ANGLE: 

गूगल directly डोमेन अथॉरिटी के आधार पर वेबसाइटों को SERPs में rank नहीं करता है, लेकिन indirectly आपकी साइट की domain authority आपके लिए एक आईने के जैसे काम करती है जो आपको इस बात का एहसास दिलाती है कि आप अपनी site पर कितना काम कर रहे हैं और अभी आपकी साइट में कितनी कसर बाकी रह रखी है जिसे आपने दूर करना है। 


आमतौर पर डोमेन अथॉरिटी बीतते वक्त के साथ धीरे-धीरे अपने आप ही सुधरती जाती है इसलिए इसके बारे में ज्यादा चिंता करने के बजाय अपनी साइट पर ज्यादा ध्यान दें। साइट को बेहतर बनाने पर DA अपने आप ही increase हो जाता है। 



उम्मीद करते हैं कि आपको डोमेन अथॉरिटी के बारे में/Information About Domain Authority हमारी यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी
अगर Domain Authority से संबंधित आपका कोई सवाल है तो आप हमें comment box के माध्यम से पूछ सकते हैं, हम आपको आपके सवाल का जवाब जरूर देंगे। इसके अलावा आप चाहें तो हमारे साथ facebook पर भी जुड़ सकते हैं। 




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