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रुचि सांगवी– फेसबुक का News Feed बनाने वाली Software Engineer की कहानी


बात जब Computer Engineering और Entrepreneurship की दुनिया में भारतीय महिलाओं के योगदान की होती है तो जुबान पे जिस Indian Female Software Engineer का नाम सबसे पहले आता है वो है– रुचि सांघवी (Ruchi Sanghvi)





"सिलिकॉन वैली की शुरुआती महिला (Silicon Valley Pioneering Woman)" कही जाने वाली रुचि का जन्म 20 जनवरी 1982 को पुणे महाराष्ट्र में हुआ था। उनके पिता का कंस्ट्रक्शन में काम आने वाली मशीनों को किराए पर देने का कारोबार था, जिसे उन्होंने अपने दम पर खड़ा किया था।


रुचि बताती हैं कि वह बचपन से ही अपने पिता का कारोबार संभावना चाहती थी मगर उस समय भारतीय समाज में लड़कियों के लिए बिजनेस में इतनी छूट नहीं थी, जितनी की आज है। इसलिए रुचि को पिता के कहने पर मजबूरन Computer Science के field में करियर बनाने का फैसला लेना पड़ा।








रुचि पिछले डेढ़ दशक से अब तक Oracle, Facebook, Dropbox जैसी कंपनियों के लिए कई प्रतिष्ठित पदों पर काम कर चुकी है।


इसके साथ ही उन्होंने अपने पति आदित्य अग्रवाल और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर 2011 में खुद की कंपनी COVE भी शुरू की थी, जिसे अगले ही साल 2012 में दिग्गज अमेरिकन Cloud Computing कम्पनी DROPBOX ने खरीद लिया था। आजकल फिलहाल रुचि अपने नए स्टार्टअप SOUTH PARK COMMONS पर काम कर रही है।


आज फेसबुक के सबसे Crucial हिस्सों में से एक माने जाने वाले NEWS FEED (जिसमें हमें सभी तरह की पोस्ट दिखती हैं) को बनाने का श्रेय भी मुख्य रूप से रुचि सांघवी को ही जाता है जिन्होंने 2006 में फेसबुक के दो अन्य सॉफ्टवेयर इंजीनियरों Chris Cox और Andrew Bosworth के साथ दिन-रात Coding करके न्यूज फीड जैसी जटिल और कभी न खत्म होने वाली (Complex & never ending) चीज़ को तैयार किया था।


पेश है, मार्क जकरबर्ग की चहेती Employee रही रुचि सांगवी की छोटी मगर कामयाब ज़िंदगी की कहानी–





• RUCHI SANGHVI BIO:


• जन्म (Born): 20 January 1982 

• जन्मस्थान (BirthPlace): Pune, Maharastra, India.

• University: Carnegie Mellon University, US.

• पति (Husband): Aditya Agrawal

• बच्चे (Kids): Avyaan (1)

• कम्पनियाँ (Companies): Oracle, Facebook, Cove, Dropbox, South Park Commons

• रुचि सांघवी का विकिपीडिया पेज यहां पढ़िए..





• सॉफ्टवेयर इंजीनियर रुचि सांघवी की प्रेरणादायक कहानी/ Inspiration Life Story Of Indian Software Engineer Ruchi Sanghvi in Hindi









1)• रुचि सांघवी की शुरुआती जिंदगी और पढ़ाई (Ruchi Sanghvis' initial Life & Education):



दुनिया की कई बड़ी Tech Companies में काम कर चुकी रुचि का जन्म आज से 37 साल पहले पुणे के एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता एक Businessman थे, इसलिए घर में Entrepreneurship  का माहौल पहले से ही था।


St. Joseph's School, Pashan और Ferguson College Pune से अपनी स्कूली शिक्षा  पूरी करने के बाद रुचि ने अपने पिता से उनका कारोबार संभालने की इच्छा जाहिर की। इस पर उनके पिता ने कहा- "बेटा इस तरह के बिजनेस में मर्दों का वर्चस्व है इसलिए लड़कियों के लिए सही नहीं है। तुम्हें कोई दूसरा करियर देखना चाहिए।


पापा की बात मानकर रुचि ने अपना मन बदल कर अमेरिका की प्रसिद्ध Carnegie Mellon University से Computer Electrical Engg.  करने का फ़ैसला लिया। CMU में रहते हुए रुचि ने Bechelor's और Master's की डिग्री के लिए 5 साल तक पढ़ाई की।


रुचि बताती है कि स्कूल के दिनों में उन्हें कंप्यूटर में ज्यादा रुचि नहीं थी। इसके बजाय Fine Arts के सब्जेक्ट उन्हें ज्यादा पसंद आते थे। यहां तक कि कंप्यूटर का नियमित तौर पर उपयोग भी उन्होंने कॉलेज जॉइन करने के ही शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें Coding/Programming में कोई बहुत ज़्यादा interest नही था, हालांकि बीतते वक़्त के साथ उनका profession ही उनके लिए passion भी बन गया।







2)• रुचि सांगवी का पेशेवर जीवन (Ruchi Sanghvi's Career Profile):


अब तक रुचि कई बड़ी कम्पनियों के साथ काम कर चुकी है, जिनमे Oracle, Facebook और Dropbox जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके साथ ही रुचि अपनी खुद की कंपनी Cove और South Park Commons भी खोल चुकी हैं। पेश है, डेढ़ दशक के उनके सफल प्रोफेशन कैरियर के कुछ अहम पड़ाव...


[A]. ओरेकल (Oracle):  2004 में कॉलेज के पास आउट हो जाने के बाद रुचि ने कुछ वक्त तक Business Software बनाने वाली दिग्गज अमेरिकन कंपनी Oracle में काम किया था; हालांकि बहुत ही जल्द उन्होंने इस कंपनी को छोड़ दिया था।


» ओरेकल में काम करने से पहले सांगवी ने न्यूयॉर्क स्थित एक बैंक में भी काम किया था लेकिन 3 हफ्तों के अंदर ही कुछ कारणों से उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी थी।



[B]. फेसबुक (Facebook): फेसबुक ही वह कंपनी थी, जिससे जुड़कर रुचि की काबिलियत को एक नई पहचान मिली।




साल 2004 में लॉन्च  हुए फेसबुक को रुचि ने महज एक साल बाद यानी 2005 में ज्वाइन किया। उस वक्त फेसबुक उतना Giant नही था, जितना कि वह हमें आज नज़र आता है। यहां तक कि उसका ऑफिस भी उस समय Palo Alto Town में स्थित एक Chinese Restaurant के ऊपर बने एक छोटे से कमरे में था, जहां मार्क और उनकी जुनूनी टीम दिन-रात जी-तोड़ मेहनत करती रहती थी।


रुचि बताती है कि जिस दिन वह फेसबुक के Graffiti Art से सजे रंग-बिरंगे ऑफिस में Interview के लिए पहुंची तो उस दिन उन्हें इंटरव्यू देने के लिए कई घंटे इंतज़ार करना पड़ा।


इस लेट-लतीफी का कारण रुचि को बाद में पता चला। दरअसल रुचि को बताया गया कि कम्पनी के ज़्यादातर Employees पूरी रात भर काम करते हैं और दिन में कुछ वक्त के लिए सो जाते हैं। यह बात सुनकर रुचि थोड़ी-सी हैरान जरूर थी, मगर अंदर-ही- अंदर उत्साहित भी बहुत थी क्योंकि इस बात से उन्हें यह भरोसा हो गया था कि ये कम्पनी बहुत आगे जाने वाली है..!








रुचि और उनके पति आदित्य अग्रवाल ने फेसबुक में एक साथ ही शुरुआत की थी। रुचि और आदित्य फेसबुक के द्वारा Hire किए गए पहले 20 Employees में शामिल थे। रुचि को उनकी काबिलियत और महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनने के कारण "First Female Engineer At Facebook" और "Pioneering Woman Of The Sillicon Valley" के नाम से भी जाना जाता है।




मार्क जैसे तेजदिमाग Entreprrnuer को रुचि में छुपी हुई काबिलियत का पता लगाने में ज्यादा देर नही लगी। रुचि की काबिलियत को देखकर Zuck ने उन्हें दो अन्य लोगों के साथ मिलकर फेसबुक के लिए News Feed जैसे Challenging Project को सौंपा। रुचि और उनके साथियों ने इस प्रोजेक्ट पर रात-दिन काम करके कुछ ही समय में इसे तैयार कर दिया।


साल 2006 के आखिर में रुचि द्वारा बनाया गया News Feed Feature लॉन्च हुआ। शुरुआत में फेसबुक चलाने वाले ज़्यादातर लोगों को ये फीचर बिल्कुल भी पसंद नहीं आया और उन्होंने इसका जमकर विरोध किया। यहां तक कि कई लोग इसका विरोध करने फेसबुक के ऑफिस के बाहर जमा हो गए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि फेसबुक ने  लोगों की Activities दूसरे लोगों को दिखा कर उनकी Privacy के साथ खिलवाड़ किया है (शायद आप में से कई लोग न जानते हो कि न्यूजफीड के आने से पहले हमें लोगों की Activities/Pics देखने के लिए उनकी प्रोफाइल पर जाना होता था; इसके अलावा फेसबुक पर किसी भी और जगह फोटो नहीं दिखती थी।








रुचि बताती हैं कि उस वक्त वह वक्त काफी डरावना था जब भीड़ ने हमारे दफ्तर को चारों ओर से घेर लिया था और हम ऑफिस के अंदर दुबक कर अपनी आँखों से ये सारा मंजर देख रहे थे। यहां तक कि कई लोग तो इतने गुस्से में थे कि उन्होंने रुचि पर कई भद्दी टिप्पणियां भी की थी।


रुचि आगे कहती हैं कि लोगों के बहुत ज्यादा Protest करने के बाद भी हमने NewsFeed को फेसबुक से नहीं हटाया और उसे चालू रखा।


और हैरानी की बात तो यह रही की न्यूजफीड का इतना ज्यादा विरोध होने के बावजूद, इसके लॉन्च होने के बाद फेसबुक यूजर्स "पहले की तुलना में 2 गुना ज्यादा समय तक" फेसबुक चलाने लगे!




न्यूजफीड की सफलता के बाद रुचि मार्क जकरबर्ग की चहेती एम्प्लॉई बन गई। कुछ ही वक्त में वह फेसबुक की Product Manager भी बन गई। मार्क ने उनकी काबिलियत को ध्यान में रखकर उन्हें कुछ और Important Projects दिए जिनमें Facebook Connect  और Facebook Platform जैसे बड़े नाम भी शामिल थे।


साल 2007 में Facebook Connect बनकर तैयार हुआ। जो लोग नहीं जानते कि फेसबुक कनेक्ट क्या है, उन्हें मैं बता दूं, कि यह फेसबुक का एक ऐसा फीचर है जिससे आप किसी Website या App पर फेसबुक की मदद से जल्दी से Sign up कर सकते हैं या कहें ID बना सकते हैं।


उदाहरण के तौर पर, Quora, Medium, Starmaker, TikTok जैसे कई एप्स पर हम अलग से अकाउंट बनाने के बजाय सीधे फेसबुक से साइन अप कर सकते हैं। इसके लिए फेसबुक आपकी FB ID की कुछ Details (जैसे- Name, email, Location..) उस ऐप को दे देता है और आपका Account अपने आप ही बन जाता है। फेसबुक की यही सुविधा Facebook Connect है।



इससे अलग-अलग अकाउंट्स कर लिए पासवर्ड रखने का झंझट भी खत्म हो जाता है और साथ ही जल्दी से अकाउंट भी बन जाता है।


फेसबुक कनेक्ट के बाद 2007 में रुचि ने Facebook Platform पर काम किया। फेसबुक प्लेटफॉर्म फेसबुक का कोई एक Special Feature नहीं है बल्कि यह फेसबुक के कई सारी फीचर्स का एक समूह है जो फेसबुक को विशाल और ज्यादा Useful बनाते हैं।




फेसबुक प्लेटफॉर्म के under में Facebook Marketplace, Buy & Sell Groups (जिनपे लोग चीजों को खरीदते-बेचते हैं; Facebook Connect और Mobile Platform जैसे कई सारे छोटे-छोटे tools आते हैं, जो फेसबुक और ज्यादा पॉपुलर और उपयोगी बनाने का काम करते हैं।



» फेसबुक के साथ 5 साल तक काम करने के बाद रुचि और उनके पति आदित्य अग्रवाल ने खुद की कंपनी Cove खोलने के लिए 2010 में Facebook छोड़ दिया।










[C]. कोव (COVE): साल 2010 के आखिर में फेसबुक छोड़ने के बाद उसी ने अपने पति और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर को कंपनी बनाई।


As a founder, रुचि की यह पहली कंपनी थी, तो जाहिर सी बात है कि गलती होने की संभावना भी बहुत ज्यादा थी। और आखिरकार हुआ भी वही, जो दुनिया के करीब 80% Startups के साथ होता है। कंपनी नहीं चली!


बता दे कि कोव एक Business To Business यानी  B2B Company थी जो दूसरे Businesses को या कहें दूसरी Companies के कामों को आसान बनाने के लिए उनके लिए सॉफ्टवेयर बनाती थी।



शायद यह कंपनी उतनी ज्यादा नहीं चल पाई जितना कि इसको बनाने वाले लोगों को उम्मीद थी। जिस कारण उन्होंने कुछ ही महीने बाद Feb 2012 में COVE को ड्रॉपबॉक्स को बेच दिया।







[D]. ड्रॉपबॉक्स (DROPBOX): 

Cove के Dropbox में विलय (acquisition) के बाद रुचि और आदित्य अग्रवाल दोनों ड्रॉप बॉक्स में वाइस प्रेसिडेंट बन गए।


बता दें कि ड्रॉपबॉक्स एक दिग्गज अमेरिकन Cloud Computing & Backup Service है जो लोगों को उनके Data को Store करने की service देती है, ठीक वैसे ही जैसे Google Drive करता है। इन दोनों में फरक बस इतना है कि ड्राइव free service देता जबकि ड्रॉपबॉक्स का use करने के एवज में आपको पैसे चुकाने होते हैं।

अक्टूबर 2013 में आखिरकार सांगवी ने 2 साल का एक लंबा Career Break लेने के लिए ड्रॉपबॉक्स से इस्तीफा दे दिया।



[E]. साउथ पार्क कॉमन्स (SOUTH PARK COMMONS): 


ड्रॉपबॉक्स छोड़ने के 2 साल बाद सांघवी ने South Park Commons नाम का start up शुरू किया। यह कंपनी एक HackerSpace के जैसे काम करती है, जिसमें एक बार में 25 से 30 लोग एक साथ बैठकर किसी Topic पर सलाह-मशवरा कर सकते हैं या किसी चीज से संबंधित रणनीति तैयार कर सकते हैं।


साउथ पार्क कॉमन्स फिलहाल काफी अच्छी चल रही है। साल 2018 में इसने individual level पे करीब 4 करोड डॉलर का fund collect किया था इसके अलावा, इसने San Fransisco स्थित स्टार्टअप "Gaming Performance" को भी fund किया है।









[F]. अन्य कम्पनियों की सलाहकार (Advisory & Board Memberships):


फिलहाल रुचि साउथ पार्क कॉमन्स के अलावा किसी भी कंपनी से full time नहीं जुड़ी है। हालांकि कई कंपनियों ने उन्हें अपने सलाहकारों (advisors) की list में शामिल किया है, जिनमे से कुछ प्रमुख कंपनियां है-  कैंसर की दवाई बनाने वाली कम्पनी StemCentrix, वर्कप्लेस ढूंढने वाली एप Asana, स्टोरेज सर्विस प्रोवाइडर DropBox और भारत की डिजिटल वॉलेट Paytm. रुचि इन सभी कम्पनियों के projects में अपनी राय share करती हैं।


3)• रुचि सांघवी की निजी जिंदगी (Ruchi Sanghvi Personal Life):


मूल रूप से रुचि पुणे, महाराष्ट्र की हैं जबकि भारतीय मूल के आदित्य अग्रवाल ने इंडोनेशिया में अपना बचपन बिताया है।


एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ने के बाद रुचि और आदित्य अग्रवाल दोनों ने 2005 में एक साथ ही फेसबुक जॉइन किया। साल 2010 में फेसबुक छोड़ने के बाद दोनों ने Cove भी एक साथ ही शुरू की थी। इसके अलावा कोव के ड्रॉप बॉक्स में विलय होने के बाद भी दोनों ने ड्रॉपबॉक्स में भी साथ में काम किया था।




करीब 6 साल के relationship के बाद दोनों ने 2011 में रुचि के Hometown पुणे में पूरे  मराठी धार्मिक रीति-रिवाज के साथ शादी की, जिसमें मार्क ज़करबर्ग, उनकी पत्नी और उनके कई Colleagues भी शामिल हुए थे। अब उनका 3 साल का बेटा अब एक बेटा भी है। रुचि की सबसे बड़ी प्रेरणा रहे उनके पिता अब इस दुनिया में नही हैं।



4)• रुचि की ज़िंदगी पर किताब (Ruchi Sanghvis Biographical Book):




अमेरिकी लेखक Laura Hamilton Waxman ने रुचि की जिंदगी पर "Computer Engineer Ruchi Sanghvi" नामक 132 pages की एक किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने रुचि की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को संक्षेप में उकेरा है।



5)• रुचि सांघवी के विचार (Ruchi Sanghvi Quotes):


रुचि सांघवी Software Engg. की दुनिया में भारतीय महिलाओं के लिए मिसाल है। पेश हैं उनके कुछ प्रेरणादायक विचार-


1. जुनूनी इंजीनियरों को किसी भी परेशानी का हल ढूंढने में बहुत मजा आता है। मुझे जब भी कोई प्रोजेक्ट दिया जाता है तो मैं खुद से मन ही मन सवाल करती हूं– हमारा लक्ष्य क्या है। उस लक्ष्य को पाने के रास्ते में कौन-कौन से रुकावटें आ सकती है? वगैरह-वगैरह..फिर मैं उस लक्ष्य को पाने की योजना बनाती हूं और यह जानने की कोशिश करती हूं कि इस योजना में हम कहां-कहां कमजोर हैं। इस तरह जब आप चीजों का विश्लेषण करते हैं; उन्हें जांचते परखते हैं, तो धीरे-धीरे चीजें सुलझना शुरू हो जाती है।


2. लड़के जब स्कूल में अपना आदर्श (Role Model) चुनते हैं तो उनके पास स्टीव जॉब से लेकर बिल गेट्स सरीखे ढेरों विकल्प होते हैं, लेकिन लड़कियों के मामले में उनके पास बहुत ज़्यादा विकल्प नहीं होते। उन्हें खुद से खुद को तैयार करना पड़ता है।





3. अमेरिका में एक Employee से लेकर एक Entreprenuer बनने का सफर, मुझ जैसी एक दूसरे देश की महिला के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।


4.  जब मैं फेसबुक में आई थी तो उस वक्त हम सिर्फ 20 लोग थे। मैंने इसे 20 कर्मचारियों से लेकर हजारों तथा लाखों उपयोगकर्ताओं से करोड़ो तक का सफर तय करते देखा है। मैंने इसे कॉलेज छात्रों के लिए बनाई गई वेबसाइट से लेकर पूरी दुनिया में चलने वाली विशाल सर्विस बनते देखा है और महसूस किया है।


5. कोव को शुरू करते वक्त जब मैंने तीन अमेरिकी वकीलों से सलाह मशवरा किया, तो उन्होंने मुझे एक लंबी लिस्ट पकड़ाते हुए कहा, दूसरे देश (भारत) के लोगों को अपनी कंपनी में रखने के लिए पहले आपको इन चीजो को पूरा करना होगा। मैं हैरान थी।



6.  सिर्फ महान लोग ही महान चीज बना सकते हैं।




7.  महिलाओं को समझना चाहिए कि वह भी खुद का कारोबार संभाल कर आगे आ सकती हैं। बहुत सारी महिलाएं शादी या परिवार शुरू करने से पहले ही खुद को करियर में पीछे धकेल देती हैं। यह काफी दुखद है।



8. मेरे पिता का कंस्ट्रक्शन में काम आने वाली मशीनों को किराए पर देने का कारोबार था।मुझे इस काम में उनकी मदद करना बचपन से ही काफी पसंद था–कितनी क्रैनें आई, कितनी गई, मैं इन चीजों का हिसाब रखा करती थी। इन चीजों की तरफ मेरे बढ़ते रुझान को देखकर पापा ने मुझे समझाया कि यह कारोबार की दुनिया लड़कियों के लिए नहीं बनी है, तुम्हें किसी और चीज पर ध्यान लगाना चाहिए। इसी कारण मैंने कंप्यूटर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को चुना क्योंकि उस समय यह लड़कियों के लिए उचित था।


9. जो चीज हम दिल से चाहते हैं, हमें वक़्त रहते वह चीज़ बिना संकोच किए मांग लेनी चाहिए। मैंने फेसबुक से 6 महीने की छुट्टी ली; अपने कामों को दूसरे लोगों को सौंपा और आदित्य से कहा- " 6 साल के रिश्ते के बाद यह वक़्त शादी करने का है!"


10. ड्रॉपबॉक्स उपयोग करने में जितना आसान है, अंदर से उतना ही ज्यादा कॉन्प्लेक्स है। यूज़र और एम्प्लाइज  दोनों के लिहाज से ड्रॉपबॉक्स एक शानदार कंपनी है और इसमें भविष्य में एक बड़ी टेक कंपनी के रूप में उभरने की पूरी काबिलियत है।







ℹ️  AUTHORS' ANGLE: 

इंजीनिरिंग और आंत्रप्रेन्योरशिप  की दुनिया में रुचि एक ऐसी शख्शियत हैं जिनसे हम काफी कुछ सीख सकते हैं।


उम्मीद करते हैं कि आपको रुचि सांघवी की यह प्रेरणादायक जीवनी/ Inspirational Biographical Life Story of Ruchi Sanghvi जरूर पसंद आई होगी। कोई सुझाव हो, तो कमेंट के माध्यम से बताएं और इस आर्टिकल को उन लोगों के साथ share जरूर करें, जिन्हें Software Engg. या Motivational Stuff पसंद है। आखिर तक पढ़ने के लिए शुक्रिया! 





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2 Comments

  1. Great article bro, mujhe programmer banna hai..!

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    1. Thanks for your comment and wishing you best for your career!!

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आपके कमेंट के लिए शुक्रिया. हम आपको जल्दी-से-जल्दी जवाब देने की कोशिश करेंगे!