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10 बातें- जो हर Entreprenuer गूगल कम्पनी की सफलता से सीख सकता है

अगर मैं आपसे पूछूँ कि आपके हिसाब से इंटरनेट की दुनिया की सबसे बड़ी और भरोसेमंद कम्पनी को है तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि आपमें से ज़्यादातर लोगों का जवाब Internet Giant गूगल (GOOGLE) की तरफ होगा। जो कि पूरी तरह उचित भी है।



15 सितम्बर 1998 को established कम्पनी गूगल, दुनिया की उन चंद नामी Companies में से एक है, जिन्होंने पढ़े लिखे लोगों के साथ ही साथ अनपढ़ लोगों के दिलोदिमाग में भी अपनी गहरी पैठ बनाई है, जिसके कारण Google शब्द आज की इस ऑनलाइन दुनिया में इंटरनेट का synonym भी बन चुका है।


लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन (Larry Page & Sergey Brin) द्वारा स्थापित इस कम्पनी की एक बात काबिले-तारीफ है कि इसने कभी-भी सिर्फ अपना Multi-Dollar Business खड़ा करने के लिए काम नहीं किया, जैसा कि दूसरी ज़्यादातर कम्पनियां करती हैं।






दूसरी कम्पनियों के पदचिन्हों पर न चलते हुए गूगल ने धीरे-धीरे अपनी बेहतर सेवाओं के दम पर  लोगों का भरोसा जीता और लोगों का प्यार पाकर Online Market के बड़े हिस्से पर अपनी सेवाएं प्रदान करना शुरु कर दिया।


ख़ुद के साथ ही साथ करोड़ो लोगों को Successful बनाने में मदद करने वाली महाकम्पनी GOOGLE की ऐसी सैकड़ों Unique बातें हैं, जिनसे as a professional person or as a company हम काफी कुछ सीख सकते हैं।


इन्ही सैकड़ों बातों में से हम चुनकर लाये हैं कुछ Most Importants Points, जो as a company आगे बढ़ने में आपकी मदद कर सकती हैं। कौन-कौन सी हैं वो चीज़ें आइए जानते हैं-




 🕵️ Google Quick Facts:
  
• स्थापना (founded)-  15 सितम्बर 1998, कैलिफोर्निया, अमेरिका

• संस्थापक (founders)-  लैरी पेज व सर्गेई ब्रिन

• पुराना नाम (Old Name)-  Backrub (1997-98)

• मालिक कम्पनी (Parent Corp)-  Alphabet Inc.





गूगल कम्पनी से सीखी जा सकने वाली 10 बातें / 10 Things Can Be Learned From Google Company in hindi









1)• लोगों को बेहतर Services प्रदान करना:


आपने बहुत सारी comapnies को देखा होगा, जो अपनी Services या Products को use करने के लिए लोगों को लुभावने ऑफर देती रहती है।


जैसे- हमारे e-Wallet से रीचार्ज करने करने पर आपको मिलेगा ₹1000 का कैशबैक या फिर हमारे App का Pro Version अब चलाइये एक साल तक बिल्कुल फ्री etc.


लेकिन क्या आपने कभी गूगल को इस तरह के ऑफर्स देते हुए देखा है?


शायद ही कोई व्यक्ति इस सवाल का जवाब हाँ में देगा।


यह Google की एक खास बात है कि इसे अपनी Services लोगों तक नहीं पहुंचानी पड़ती है बल्कि लोग इसकी Services का उपयोग करने खुद ही इस पर चले आते हैं। 


इसके पीछे सबसे बड़े दो कारण हैं–


  •  इसकी सेवाओं की गुणवत्ता (Quality of its Services) तथा

  • लोगों की संतुष्टि (Great User Satisfaction)


आज आप गूगल की किसी भी सेवा को उठाकर देख लीजिये, चाहे वो Gmail हो, Google Search इंजन हो या फिर Chrome Browser हो। इन सभी चीजें में हमें Quality और User Satisfaction साफ-साफ दिख जाता है।



लोगों को बेहतर ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने में आज भी गूगल का कोई सानी नहीं है। क्यों न इस महाकम्पनी से इसकी यह बात सीखकर हम अपनी Services पर लागू करें और अपने Users को खुश होने की एक छोटी सी वजह दे दें।







2)• अपने Users का विश्वास जीतना:


आज लोग गूगल की सेवाओं पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। हमें लगता है, कि गूगल जो भी कर रहा है या करेगा, बिल्कुल ठीक ही करेगा।


ऐसा क्यों?


मेरे हिसाब से ऐसा इसलिए है क्योंकि हम already कई बार गूगल की सेवाओं और सपोर्ट सिस्टम को अच्छी तरह परख चुके हैं, उसे जांच चुके हैं। और सबसे अच्छी बात तो यह है कि इस दौरान हमें बहुत ही कम परेशानियों का सामना करना पड़ा।


यही कारण है जिसके दम पर गूगल हमारा भरोसा जीत चुका है और आज हमें उसकी services को प्रयोग करते वक़्त कोई हिचकिचाहट नहीं होती है। 



हम भी as a company अपनी services & support system को दुरुस्त करके गूगल की तरह ही अपने Users का भरोसा जीत सकते हैं।







3)• धीरे-धीरे अपनी Services बढ़ाना:


क्या कारण है कि 2 सितम्बर 1997 को एक सर्च इंजन के रूप में उभरा Google आज एक महाकम्पनी Google Inc. बन चुका है?


मेरे हिसाब से, इसके पीछे की कुछ सबसे बड़ी वजहों में से एक है- इसकी सेवाओं का निरंतर विस्तार (Continuous Expansion of its services)



सन 2000 तक स्वयं को एक Popular Search Engine के रूप में स्थापित कर लेने के बाद Google ने आहिस्ता-आहिस्ता अपने दायरे को बढ़ाना शुरू कर दिया।


YOUTUBE, BLOGSPOT जैसे कुछ नामी Brands को खरीदकर और Android, Gmail, Chrome, Drive की तरह बहुत सारी useful services develop करके गूगल ने स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर जगत में अपनी बादशाहत कायम की ठीक; ठीक वैसे ही जैसे MicroSoft ने कुछ दशक पूर्व कंप्यूटर सॉफ्टवेर जगत में अपनी monopoly create की थी। 


लेकिन क्या गूगल ने अपनी सारी सेवाएं एक साथ शुरू की?


नहीं, बिल्कुल नहीं! बल्कि इसके बजाय, पहले उसने खुद की वर्तमान Services को लोगों के मन में स्थापित किया, उसके बाद ही उसने धीरे-धीरे अपने कदम बाहर की ओर बढ़ाए।



ऐसा ही हम अपने Blog, Vlog/YT Channel या Comapny के साथ कर सकते हैं। एकदम से बहुत सारी चीजों को शुरू करने के बजाय, अगर हम धीरे-धीरे अपनी सेवाएं बढ़ाएं तो हमारे Ventures के सफल होने के chances काफी हद तक बढ़ जाते हैं।










4)• असफलता को स्वीकारना और आगे बढ़ना:


कई सारे लोगों को लगता है कि गूगल ऐसी कम्पनी है, जिसका कोई भी product आज तक fail नहीं हुआ है। जो कि सरासर गलत है।


शायद आप यह जानते होंगे, कि दो दशक से भी ज़्यादा पुरानी कम्पनी गूगल ने Social Media Market में आने की बहुत कोशिशें की, मगर दुर्भाग्य से, हर बार वह असफल हो गई।  
Orcut (2004-2014), Google Buzz (2010-11) औऱ Google+ (2011-2019 मे) कुछ ऐसे ही नाम है जिनके दम पर गूगल Social Media Giant फेसबुक को टक्कर देना चाहती थी।



• Read Rec: 7 वजहें– जिनके कारण बन्द हुई GOOGLE की सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस (+)



लेकिन क्या Google को इन failures से कुछ ज़्यादा फर्क पड़ा?


A Big Fat NO!


बल्कि गूगल ने इससे शायद यह बात सीखी होगी कि वह Social Media के लिए बनी ही नही है, बल्कि उसे तो Pure Internet के लिए कुछ Unique करने के लिए बनाया गया है।



अगर हम भी अपने professional failures को इस perspective से देखें , तो हमारे और हमारे Ventures के grow करने के chances कई गुना बढ़ जाते हैं।






5)• पांव जमीन पर टिकाए रखना:


आपने आजकल कई छोटी-छोटी companies को देखा होगा जो कि अपनी services (App, Software) को use करने के लिए यूजर से बहुत ज़्यादा पैसे की demand करती है। ये demand उनकी services की तुलना में कई ज़्यादा होती है।


वही दूसरी तरफ, Google इतनी बड़ी कंपनी होने के बावजूद भी अपनी services को use करने के लिए (ज़्यादातर cases में) सीधे user से पैसे नहीं लेता है। इसके बजाय वह किसी Third Party (Advertiser) को अपने साथ जोड़कर उससे पैसे लेकर अपनी कमाई करता है।


इसी कारण Gmail, YouTube और Google Drive (16 GB तक) जैसे premium services आज भी लोगों द्वारा free of cost use की जा रही हैं।


इसके साथ ही Google की हर सेवा बिल्कुल simple और user friendly होती है। उसमें चीज़ें बिना किसी ढोंग के point-to-point लिखी होती हैं।


क्या Google की इस खूबी को हम अपनी Organisation की service में शामिल कर सकते हैं?


ये सवाल अपने मन से एक बार जरूर पूछिये..






6)• सख्त कायदे कानून (Policies) बनाना-


गूगल को अपनी simplicity के अलावा एक और चीज़ के लिए भी जाना जाता है, जो है– इसके कड़े कायदे-कानून (Strict Policies)


गूगल ने कभी-भी ज़्यादा पैसे बनाने और अपने को बड़ा दिखाने के चक्कर में गलत रास्ते नहीं अपनाए, जिसके कारण आज करीब 20 साल बाद भी उसका user-network बाकी companies की तुलना में काफ़ी साफ सुथरा और सुरक्षित है।


गूगल अपनी सेवाओं के गलत उपयोग और लोगों की privacy की सुरक्षा के लिए शुरू से ही बहुत सख्त रहा है। इसका अंदाज़ा आप उसकी ही एक Popular service यूट्यूब की सख्त policies पढ़कर लगा सकते हैं। 


हममे से ज़्यादातर लोग कई बार अपने venture या business को जल्दी success कराने के चक्कर में कुछ गलत रास्तों का सहारा ले लेते हैं, जिससे हमारे user network में कई सारी खराब चीज़ें घुस जाती हैं, जो किसी भी company के लिहाज से long term के लिए सही नहीं है।


हमें हमेशा अपने Rules & Regulation को strict मगर soft बनाना चाहिए और गलत रास्तों को अपनाने से जितना हो सके, बचना चाहिए!






7)• फालतू के प्रचार से दूरी:


बिज़नेस की दुनिया की एक प्रसिद्ध कहावत है–


घटिया products का सही प्रचार उन्हें जल्दी असफल बनाता है और सही products का सही प्रचार उन्हें जल्दी सफल बनाता है।


लेकिन इस कहावत से उलट Google अपनी सेवाओं का प्रचार ही नहीं करता है या कहें उसे ऐसा करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।


लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि Google को अपने ads देने की बहुत ज़्यादा जरूरत क्यों नहीं पड़ती?


जवाब सीधा है– गूगल कम्पनी लोगों की उनके काम को बखूबी पूरा करने में इतनी अच्छी तरह से मदद करती है, कि उसे use करने वाले लोग ही दूसरों को उसे उपयोग करने की सलाह देने लगते हैं। इस कारण ही इसे अपना अतिरिक्त प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।



गूगल की तरह ही हम भी अपनी सर्विसेज की फालतू की advertising करने की जगह उतना पैसा और energy अपनी services को बेहतर बनाने में कर सकते हैं और खुद को एक Brand के रूप में स्थापित में स्थापित करने का प्रयास कर सकते हैं।








8)• समाज और प्रकृति का ख्याल रखना:


आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है, कि गूगल, Technology से पर्यावरण व समाज पर होने वाले नुकसान को कम करने की काफी कोशिशें करता रहता है।




गौरतलब है कि अभी कुछ समय पहले ही Google ने कैलिफोर्निया, अमेरिका स्थित अपने Headquarter के Lawn में उगी घास को हटाने के लिए मशीनों का सहारा नहीं लिया बल्कि इसके बजाय उसने कुछ हज़ार बकरियों को किराए पर लिया और उन्हें वहां लाकर छोड़ दिया। और देखते ही देखते कुछ वक़्त बाद गार्डन की पूरी घास भी साफ हो गयी और बेचारी बकरियों का पेट भी भर गया!


गूगल इस बात का बहुत ध्यान रखती है कि उसकी services से उसके उपयोगकर्ताओं, समाज और पर्यावरण पर बहुत अधिक बुरा असर ना पड़े।


इसके अलावा, आप MicroSoft के संस्थापक बिल गेट्स के NGO, Bill & Melinda Gates Foundation को ही देख लीजिए, वह भी समाज और पर्यावरण के हित में काम कर रहें हैं।



As a company, हम भी समाज और पर्यावरण के क्षेत्र में एक छोटी सी पहल करके अपने users के साथ एक मजबूत रिश्ता बना सकते हैं।







9)• खुद के साथ ही दूसरों को भी विकास करना:


गूगल सालों से लगातार जिस रणनीति (stretegy) को अपनाकर आगे बढ़ रहा है, वह है उसकी–" सबका साथ, सबका विकास" वाली रणनीति. ☺️


अपनी इस strategy के तहत Google सिर्फ स्वयं को ही बड़ा बनाने पर focus नहीं करता है बल्कि करोड़ों आम लोगों को भी अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।


दुनिया का सबसे बड़ा Video Sharing प्लेटफार्म YOUTUBE, जो कि गूगल की ही एक सर्विस है, इसका एक अच्छा उदाहरण है।


यूट्यूब पर आप और हम जैसे ही लाखों लोग आते हैं और अपनी videos पोस्ट करते हैं। गूगल उनमें से eligible videos पे ads लगाती है और उन ads के advertisers से मिले पैसे का कुछ % हिस्सा खुद रख लेती है और बाकी बचा हिस्सा video creator को दे देती है। इस तरह वीडियो बनाने वाला भी खुश हो जाता है और साथ-ही-साथ गूगल का revenue भी बढ़ जाता है।


इतना अच्छा और पॉपुलर Video Platform होने के बावजूद भी Youtube आज भी पूरी तरह FREE है। यह गूगल की "सबका साथ, सबका विकास" वाली रणनीति का ही नतीजा है।



क्या आप भी इस strategy को अपने Ventures में अपना सकते हैं? जरा सोचिए...



10)• अपनी बात रखने का पूरा मौका देना:






बेशक गूगल ने अपनी policies काफी सख्त रखी हैं लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि वह लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं देता है।


बल्कि इसके विपरीत, वह तो लोगों से छोटी-छोटी बातों पर अपना feedback मांगता रहता है। यहाँ तक कि अगर आपको अपने सवाल का जवाब Google में ढूंढने पे भी नहीं मिलता तो वह आपको अपना सवाल Search Page के सबसे आखिर में दिए हुए box में डालने को कहता है ताकि वह इसकी जानकारी Bloggers को दे पाए और ब्लॉगर्स आपके लिए उस सवाल का जवाब ढूंढ पाए।




इसके अलावा Youtube Channel पे भी Copyright Strike मिलने पर आपको  अपील (Appeal) ऑप्शन के through अपनी बात रखने का पूरा-पूरा मौका मिल जाता है, क्योंकि Google नहीं चाहता कि उसकी वजह से किसी का भी बेवजह नुकसान हो।


इसके साथ ही गूगल की सेवाओं से सम्बंधित सवाल हम Google Forums में पूछ सकते हैं, जहां पर हमें अपने सवालों के कई satisfactory answers मिल जाते है।



खुद से यह सवाल कीजिये कि क्या आप भी अपनी Company का support system गूगल की तरह मजेदार और मजबूत बना सकते हैं ताकि हमारी services use करने वाले users को परेशान होकर यहां-वहाँ ना भटकना पड़े  और उनका हम पर विश्वास बढ़ सके।





ℹ️  AUTHORS' ANGLE: 

बिजनेस में हर काम अपने फायदे के लिए ही किया जाय, यह जरूरी नहीं है। कुछ काम निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद के लिए भी किये जा सकते हैं। Albhabet Inc. की इंटरनेट कम्पनी GOOGLE से हम यह बात अच्छी तरह सीख सकते हैं।


गूगल इंक से सीखी जा सकने वाली 10 बातें / Google Se Seekhi Jaa Skne Wali 10 Baatein नामक इस आर्टिकल में explain की गयी 10 GOOGLE-ish बातों को यदि हम अपने ब्लॉग, यूट्यूब चैनल, बिजनेस या फिर स्टार्ट-अप पर ठीक ढंग से apply करें तो धीरे-धीरे ही सही मगर अपनी बढ़ती हुई reach को हम आसानी से देख पाने के काबिल हो पाएंगे।


तो दोस्तों, यही थी हमारी आज की पोस्ट; उम्मीद करता हूँ कि आपको इससे कुछ-ना-कुछ नया जरूर सीखने को मिला होगा।



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2 Comments

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