महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन के जीवन से जुड़ी 37 रोचक बातें



• Brilliant Scientist Albert Einstein Ke Jeevan  Se Jude 37 Rochak Tathya.



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दुनिया के महानतम वैज्ञानिकों में से एक माने जाने वाले जर्मन वैज्ञानिक 'अल्बर्ट आइंस्टीन' का जीवन बहुत ही रोचक रहा है। E= mc^2 जैसे विज्ञान को बदल कर रख देने वाले समीकरण की खोज करने वाले इस Genius Scientist के जीवन के कुछ ऐसे पहलू रहें हैं, जिनके बारे में कम ही लोग ठीक से जानते हैं। तो आज की इस रोचक पोस्ट में हम बात करेंगें Albert के जीवन से जुड़े ऐसे ही 36 रोचक तथ्यों के विषय में-


• एल्बर्ट आइंस्टीन से जुड़ी 37 बेहद रोचक बातें और विचार

• 37 Interesting Facts & Quotes about Albert Einstein in hindi

• Albert Einsteen Ke Baare Me 37 Rochak Tathya Aur Vichar



1)• अल्बर्ट का जन्म 14 मार्च 1879 को जर्मनी के उल्म शहर में एक सम्पन्न यहूदी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता ने पहले उनका नाम उनके दादा के नाम पर 'अब्राहम' (Abrahham) रखना चाहा। लेकिन यह नाम कुछ ज़्यादा ही यहूदी (Jewish) Type का था, इसलिए उन्होंने उनका नाम Albert रख दिया।

2)• आइंस्टीन का दिमाग जन्म के समय सामान्य बच्चों के दिमाग से काफी बड़ा था। जब उनकी माँ और दादी ने उन्हें पहली बार देखा, तो वो चकित रह गए। हालांकि बढ़ती उम्र के साथ ही एल्बर्ट का दिमाग भी सही Shape में ढलने लगा।

3)• चार साल की उम्र तक एल्बर्ट ठीक से बोलने में भी असमर्थ था। तभी एक दिन खाना खाते हुए वह अचानक से बोल उठा- "सूप बहुत गरम है!" इस बात पर माता-पिता ने जब हैरानी से पूछा कि- "आज तक तुमने कुछ बोल क्यों नहीं?" तो उसने बड़ी सरलता से उत्तर दिया- "क्योंकि आज से पहले मुझे इस घर में कोई दिक्कत ही नहीं हुई !"

4)• बचपन में आइंस्टीन हरेक चीज़ को एक मशीन की तरह समझा करते थे। उदाहरण के लिए, एक दिन उन्होंने अपनी माँ से जिज्ञासावश पूछा, कि मेरी बहन माज़ा के टायर कहाँ हैं?

5)• अल्बर्ट को आधुनिक स्कूली शिक्षा व्यवस्था से बहुत घृणा थी। उनके कुछ विषयों के शिक्षक उन्हें एक आदर्श छात्र जबकि कुछ अन्य विषयों के शिक्षक उन्हें एक मूर्ख छात्र समझा करते थे। छोटी कक्षाओं में ही गणित में महारथ हासिल कर लेने के कारण एक बार उनके शिक्षक ने उन्हें यह तक कह दिया था कि-


 एल्बर्ट मैं तुम्हे अब और अधिक नहीं पढ़ा पाऊंगा, क्योंकि मुझे महसूस होता है कि मुझसे ज़्यादा गणित का ज्ञान अब तुम्हे हो चुका है!


6)• आइंस्टीन पूरे जीवनभर एक तरह के मानसिक विकार (Psychiatric Disorder) से पीडित रहे, जिसके कारण वे हर  चीज़ को दो से तीन बार दोहराया कड़ते थे, खासकर तब, जब वो उस चीज़ को बहुत पसन्द करते थे। इसके अलावा उन्हें चीजों को TEXT के बजाय PICTURES के रूप में सोचना ज़्यादा पसन्द था, ठीक उसी तरह जैसे दुनिया के ज़्यादातर महान विचारक व वैज्ञानिक सोचा करते हैं।

7)• आइंस्टीन के अनुसार, विज्ञान के प्रति उनका झुकाव पहली बार तब हुआ, जब 5 वर्ष की उम्र में उनके पिता ने उन्हें एक कम्पास दिलाया था। इस बात ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया, कि आखिर वो को सी चीज है जो कि एक छोटी-सी सुई को दिशा का ज्ञान करवाती है।

8)• गैलीलियो गैलिली आइंस्टीन के सबसे प्रिय वैज्ञानिकों में से एक थे। मजे की बात तो यह है कि जिस वर्ष आइजक न्यूटन का जन्म हुआ उसी वर्ष गैलीलियो की मृत्यू हुई और जिस वर्ष आइंस्टीन का जन्म हुआ उसी वर्ष मैक्सवेल का स्वर्गावास हुआ।

9)• सन 1895 में केवल 16 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने अपना पहला वैज्ञानिक शोध पत्र (Research Paper) निकाला था, जिसका नाम उन्होंने रखा- "चुम्बकीय क्षेत्र में रखे ईथर की अवस्था की जांच (ON THE INVESTIGATION OF THE STATE OF ETHER IN A MAGNETIC FIELD)"

10)• आइंस्टीन जीनियस तो थे ही, मगर इसके साथ ही वे बहुत ज़्यादा भुलक्कड़ भी थे। इतने ज़्यादा कि एक दिन जब वे टैक्सी में बैठे तो अपने घर का पता ही भूल गए। वो तो अच्छा हुआ कि वह टैक्सी ड्राइवर इस प्रसिद्ध वैज्ञानिक को जानता था और उन्हें सही सलामत उनके घर छोड़ आया। इसके अलावा आइंस्टीन अपने जीवन में कभी भी अपने घर का टेलीफोन नम्बर तक याद नहीं रख सके।

11)• अल्बर्ट आइंस्टीन दुनिया के 3 देशों नागरिक रहे. वे जन्म से 1901 तक जर्मनी के; 1901 से 1932 तक स्विट्ज़रलैंड के तथा 1932 से 1955 यानी मृत्यू तक अमेरिका के नागरिक रहे।

12)• अल्बर्ट चाहते हुए भी कभी तैराकी (Swimming) नहीं सीख पाए; हालांकि उन्हें समुद्री यात्रा करने का काफी शौक था। इसके अलावा आइंस्टीन कभी जुराबें नहीं पहनते थे, क्योंकि उन्हें इनसे काफी तकलीफ होती थी। साथ ही साथ उनमे जल्दी से छेद भी हो जाते थे।

13)• आइंस्टीन को सिगार (Cigar) पीने का भी बहुत शौक था। इतना शौक, कि वो अपनी बुद्धि का श्रेय अपनी धूम्रपान की  लत को दिया करते थे।

14)• सन 1901 में 30 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते वे ज्यूरिच यूनिवर्सिटी में एक जूनियर प्रोफेसर के पद पर तैनात हो गए थे। कॉलेज में उनके पढाने का ढंग (Teaching Style) दूसरे लोगों से बिल्कुल जुदा था। जैसे- वे अपने नोट्स कॉपी के बजाय छोटे-छोटे कार्ड्स पे बनाया करते थे और पढ़ाते समय कोई भी विचार (idea) आने पर उसे तभी नोट कर लेते थे। यहाँ तक कि उन्होंने अपने विद्यार्थियों को लेक्चर के समय भी बीच में सवाल करने की छूट दे रखी थी।

15)• अल्बर्ट बहुत ही ज़्यादा जिज्ञासू तथा विश्लेषक मष्तिष्क के धनी थे। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 15 साल की उम्र का होने से पहले ही अवकलन व समाकलन (Differential & Integral Calculus) जैसे कठिन चीजों में महारथ हासिल कर ली थी। हालांकि उन्होंने खुद कहा है कि उन्हें गणित से अधिक रुचि भौतिक विज्ञान में थी, इसीलिए वे एक गणितज्ञ नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक बने।

16)• सन 1921 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हालांकि कई लोग गलती से सोचते हैं कि उन्हें यह पुरुस्कार "सापेक्षता के सिद्धांत (THEORY OF RELATIVITY)"  के लिए मिला था जबकि ऐसा नहीं है। दरअसल उन्हें यह पुरस्कार "प्रकाश वैधुत प्रभाव (PHOTO ELECTRIC EFFECT) के लिए मिला था।

17)• आइंस्टीन को संगीत से बहुत लगाव था। उनकी माँ वायलिन बजाया करती थी, जिससे उन्हें अंदर से काफी सुकून मिलता था। इसके अलावा उन्हें पक्षियों का गायन भी बहुत पसन्द था। अल्बर्ट ने एक बार यह तक कह दिया था कि- "यदि वे एक वैज्ञानिक न होते तो जरूर एक संगीतज्ञ होते!"

18)• अल्बर्ट हमेशा कहा करते थे- 


कल्पनाशीलता (Imagination) ज्ञान से बड़ी चीज है, क्योंकि ज्ञान एक सीमा तक ही हो सकता है लेकिन कल्पना सीमा से परे होती है.


19)• अल्बर्ट एवं उनकी गर्लफ्रेंड मिलेवा मैरिक (जो 1903 से 1919 तक उनकी पत्नी भी रही) की 1902 में शादी से एक वर्ष पूर्व एक बेटी भी हुई, जिसका नाम लिजरल (LIESERL) था। हालांकि माना जाता है कि लिजरल की अपने जन्म के एक वर्ष बाद ही इन्फेक्शन से मृत्यू हो गयी थी।


           (आइंस्टीन पहली पत्नी मिलवा के साथ)


20)• आइंस्टीन की दो पत्नियां थीं- मिलवा मैरिक (1903-1919) तथा एल्सा आइंस्टीन. आइंस्टीन के अपनी जीनियस पत्नी मिलेवा से तीन बच्चे हुए, जिनके नाम थे- LIESERL, EDUARD EINSTEIN & HANS ALBERT EINATEIN.

21)• उनकी पहली पत्नी मिलवा मैरिक सन 1914 में उनसे कुछ व्यक्तिगत कारणों से अलग हो गयी। लेकिन फिर उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक होना चाहा। लेकिन आइंस्टीन ने वापसी के लिए उनके सामने कुछ कठोर शर्ते रख दी, जिन्हें वह कभी स्वीकार नहीं कर पाई। वे शर्ते कुछ इस तरह थीं-

[A] यह तुम्हारी ज़िम्मेदारी होगी कि मुझे मेरे कपड़े धुले हुए मिले; तीन वक्त का खाना मिले और मेरी किताबें व्यवस्थित मिलें।

[B] हम दोनों को एक-दूसरे से अपने व्यक्तिगत तोड़ने होंगे और कभी अंतरंग (intimate) नहीं होना होगा।

[C] जब मैं कहूँ तो तुम मेरे साथ बात नहीं करोगी; जब मैं जाने को कहूँ तो तुम मेरे कमरे से उठकर चली जाओगी और तुम कभी भी मुझे दूसरे लोगों के सामने नीचा दिखाने की हकदार नहीं होगी।

22)• अपनी दूसरी पत्नी एल्सा के होते हुए भी उन्होंने 6 अन्य महिलाओं के साथ सम्बन्ध रखे, जिनका खुलासा उनकी मृत्यू के बाद मिले उनके पत्रों से हुआ है।

23)• सन 1905 का साल एल्बर्ट के लिए चमत्कारिक रहा। इस वर्ष उनके 4 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए, जो कुछ इस प्रकार थे- क्वांटम थ्योरी, ब्राउनी  गति, गतिमान पिंडों की उष्मागतिकी तथा E=mc^2 सरीखा चमत्कारिक समीकरण। इन शोधपत्रों ने ही उन्हें विज्ञान जगत में प्रारंभिक पहचान दिलाई।

24)• सन 1915 में उनका "सामान्य सापेक्षता का सिद्धांत (GENERAL THEORY OF RELATIVITY) प्रकाशित हुआ। यह सिद्धांत गुरुत्वाकर्षण पर था, जो कि न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के 250 वर्ष बाद प्रकाशित हुआ। इस सिद्धांत ने गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम भौतिकी के नजरिये से समझाया। इसके बाद आइंस्टीन दुनिया में छा गए और सार्वजनिक स्थानों पर भाषण देने लगे।

25)• आइंस्टीन ने एक बार अपने सापेक्षता के सिद्धांत को बहुत ही मज़ाकिया लहजे में कुछ इस तरह समझाया था- 


जब तुम किसी खूबसूरत लड़की के साथ 2 घण्टे बात करते हो तो तुम्हे ये 2 घण्टे, 2 मिनट के जैसे लगते हैं। वहीं अगर तुम किसी गरम हीटर के सामने 2 मिनट बैठते हो तो तुम्हे ये 2 मिनट 2 घण्टे के बराबर लगते हैं।


26)• आइंस्टीन समानता में विश्वास रखते थे और मानते थे कि लोगों को उनके विचारों व कर्मों के आधार पर इज़्ज़त दी जानी चाहिए न कि उनके समुदाय विशेष के आधार पर। इसी बात पर एक बार उन्होंने व्यंग्य भी किया- 


अगर सापेक्षता का सिद्धांत सफल हो जाता है तो जर्मन, फ्रांस और अमेरिका तीनों मुझे अपना नागरिक मानेंगे। लेकिन यदि वही सापेक्षता का सिद्धांत असफल हो जाता है तो अमेरिका मुझे फ्रांस का, फ्रांस मुझे जर्मनी का और जर्मनी मुझे यहूदियों का कहेगा!


27)• सन 1952 में इस महान वैज्ञानिक् को इज़रायल का राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव भी मिला, परन्तु उन्होंने बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के उसे यह कहकर ठुकरा दिया, की उन्हें नहीं पता है कि समाज में किस तरह रहना है और किस तरह से लोगों को हैंडल करना है।

28)• आइंस्टीन को नई भाषाएं सीखने में काफी दिक्कत होती थी। तभी तो जर्मन ही केवल एकमात्र भाषा थी, जिसे वह ठीक से बोल-समझ पाते थे। इसके साथ ही वे दाएं हाथ से लिखा करते थे।


29)• आइंस्टाइन दिन में 10 घण्टे से भी अधिक समय तक सोया करते थे। इसके अलावा उन्हें कार चलाना भी पसन्द नही था, इसके बजाय उन्हें पैदल चलना और बाइक दौड़ाना ज़्यादा भाता था.

30)• एक बार आइंस्टीन व महान अमेरिकी कॉमेडियन चार्ली चैपलिन एक साथ टहल रहे थे, तभी कुछ लोग उनसे मिलने पहुंच गए। थोड़ी देर बाद जब सारे लोग चले गए तो आइंस्टीन ने धीरे से मुस्कराते हुए चैप्लिन से कहा- 


तुम जानते हो, ये लोग मुझे इसलिए पहचानते हैं क्योंकि इनमें से मुझे कोई भी समझ नही पाता और लोग तुम्हे इसलिए पहचानते हैं, क्योंकि इनमें से हर कोई तुम्हे पहचान लेता है।


31)• अपने जीवन के अंतिम दिनों में अल्बर्ट पूरे ब्रह्मांड को एक साथ व्यक्त करने वाले सिद्धान्त (UNIFIED THEORY) पर काम कर रहे थे, किन्तु उनके निधन के कारण इस थ्योरी पर आगे काम नहीं हो पाया।

32)• एक दिन यूहीं टहलते-टहलते आइंस्टीन को पता नहीं क्या सूझा, कि उन्होंने जमीन पर फुदकता हुआ एक टिड्डा उठाया और उसे निगल लिया 🤔

33)• आइंस्टीन ने अपनी अंतिम सांस गिनते वक्त कुछ शब्द कहे थे, जो कि जर्मन भाषा में थे। दुर्भाग्यवश, जो व्यक्ति उस समय उनके साथ उपस्थित था, वह जर्मन नहीं जानता था। इस कारण उनके अंतिम शब्द आज भी राज़ बनकर दफन हैं!

34)• Albert Einstein अगर चाहते, तो सर्जरी करवाके और ज़्यादा जी सकते थे, मगर उन्होंने सर्जरी करने से साफ मना कर दिया, उनका कहना था कि- 


जिंदगी को मशीनों के सहारे जीना बेकार है.


35)• सन 1955 में उनकी मृत्यू के समय खोजे गए 99वें नम्बर के तत्व को उनके नाम पर आइंस्टीनिम (Einsteinium) नाम दिया गया।

36)• उनकी मृत्यू के बाद पोस्टमार्टम करते हुए डॉक्टर टॉमस हार्वे ने उनका दिमाग और आंखे रिसर्च के लिए निकाल ली थी।

37)• विश्वविख्यात TIMES MAGZINE ने ALBERT EINSTEIN को सदी का सबसे महान व्यक्ति (PERSON OF THE YEAR) करार दिया है।


• AUTHORS' ANGLE : आइंस्टीन जैसे महान वैज्ञानिक के रोचक जीवन को पूरी तरह से एक छोटे से लेख में बयां कर पाना आसान नहीं है। फिर भी हम उम्मीद करते हैं, कि इस interesting article से आपकी जिज्ञासा की कुछ पूर्ति तो जरूर हुई होगी। यदि आप इस महान वैज्ञानिक के जीवन के बारे में और ज़्यादा जानना चाहते हैं, तो नीचे दिया गया लेख पढ सकते हैं-  

★ अल्बर्ट आइंस्टीन की एक मज़ेदार जीवनी


उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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                                          ~  नवीन सिंह रांगड़

                                            [ Blogger @ SKN ] 


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